उत्तर प्रदेश

राज्यसभा चुनाव में आया दिलचस्प मोड़, मुख़्तार अंसारी को वोट देने की अनुमति पर रोक

राज्यसभा चुनाव में आया दिलचस्प मोड़, मुख़्तार अंसारी को वोट देने की अनुमति पर रोक

इलाहाबाद: हाईकोर्ट ने बांदा जेल में बंद विधायक मुख़्तार अंसारी को राज्यसभा चुनाव में वोट देने की अनुमति देने के आदेश पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट की एकल पीठ के जस्टिस राजुल भार्गव ने राज्य सरकार की याचिका पर यह आदेश दिया। साथ ही नोटिस जारी कर इस बारे में जबाव मांगा है। उल्लेखनीय है कि विशेष जज एससी एसटी ने मुख्तार अंसारी को वोट डालने की अनुमति दी थी।

इससे पहले बसपा विधायक मुख्तार अंसारी ने इस संबंध में हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली थी। चुनाव आयोग से विधायक को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति मिलने के बाद याचिका वापस ली गई थी।

मुख्‍तार अंसारी हत्‍या के मामले में जेल में बंद हैं। फिलहाल आदेश की कॉपी तत्‍काल बांदा जेल भेजने के आदेश दिए गए हैं। बता दें कि स्‍पेशल जज एससी एसटी गाजीपुर ने बीस मार्च को वोट देने की छूट दी थी। लेकिन राज्य सरकार ने स्पेशल जज के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। ऐसे में हाईकोर्ट ने स्‍पेशल जज के फैसले पर रोक लगाई है।

वहीं चुनाव आयोग ने भी आज जेल में बंद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के नेता मुख्तार अंसारी को राज्यसभा चुनावों की वोटिंग में हिस्सा लेने के लिए अनुमति दे दी थी। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और वकील सतीश चंद्र मिश्रा की अोर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दो विधायकों की रिहाई की अपील की गई थी। ऐसे में आयोग ने हरिओम यादव और मुख्‍तार अंसारी को वोट करने की अनुमति दे दी थी।

प्रदेश में शुक्रवार को राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मतदान होना है। सभी दल मतदान से पहले अपने-अपने विधायकों को सहेजने की कवायद में जुट गए हैं। उन्‍होंने विधायकों को लखनऊ में ही रहने का निर्देश जारी किया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी जहां अपने सभी 9 उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष ने भी बीएएपी उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर को जिताने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।

बीजेपी के 8 उम्मीदवारों एवं समाजवादी पार्टी के 1 उम्मीदवार की जीत तय है। 10वीं सीट पर बीजेपी और एसपी-कांग्रेस-आरएलडी समर्थित बीएसपी उम्मीदवार के बीच रोमांचक मुकाबला है। एक-एक वोट सहेजने के लिए दोनों पक्षों ने ताकत लगा दी है। 10वीं सीट पर सत्ता और विपक्ष के अपने-अपने दावे हैं, लेकिन एसपी के नेता बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का भी आरोप लगा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, ‘यदि बीजेपी के अंदर नैतिकता होती तो वह 10वीं सीट के लिए अपने उम्मीदवार खड़े नहीं करती लेकिन वह विधायकों की खरीद फरोख्त में जुटी हुई है।’ एसपी के प्रदेश प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य सुनील यादव साजन ने कहा, ‘विपक्ष पूरी तरह से एकजुट है। 10वीं सीट पर जीत हमारी होगी। बीजेपी विधायकों को तोड़ने में कामयाब नहीं होगी। सभी लोग एकजुट हैं।’

बता दें, एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 विधायकों के मत की जरूरत है। बीजेपी के 8 उम्मीदवारों को 37-37 विधायक आवंटित करने के बाद 28 विधायकों के ही वोट बच रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय का कहना है कि उनके सभी उम्मीदवार जीतने में कामयाब होंगे। दरअसल, एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को विधायकों की बैठक बुलाई थी।

इसमें एसपी के कई विधायकों के शामिल न होने से सत्तापक्ष की उम्मीदें परवान चढ़ गई हैं। हालांकि एसपी की बैठक में न जाने वाले विधायकों के बारे में पार्टी का कहना है कि जिन्हें नहीं आना था, उन्होंने पहले ही सूचित कर दिया था। उनका वोट एसपी उम्मीदवार को ही मिलेगा। बीजेपी से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, अशज़क वाजपेई, विजयपाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव, हरनाथ सिंह यादव और नवें उम्मीदवार के रूप में अनिल अग्रवाल चुनाव मैदान में हैं जबकि एसपी की उम्मीदवार जया बच्‍चन और विपक्ष समर्थित बीएसपी उम्मीदवार भीम राव आंबेडकर मुकाबले में हैं।

(एजेंसी)

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *