उत्तर प्रदेश

उप्र में भाजपा का दलित चेहरा हो सकती हैं नवनियुक्त केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज

Krishna-Rajनई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में मंगलवार को जिन 19 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है, उनमें 49 वर्षीय कृष्णा राज की उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका हो सकती है।
कृष्णा उप्र के बड़े दलित वर्ग पासी समुदाय से आती हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दलित वोटों को रिझाने के लिए अगले वर्ष राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी की ओर से मजबूत दलित चेहरे के रूप में खड़ा कर सकती है।
राज्य की राजनीतिक गुत्थी को गौर से देखें तो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की दलित समुदाय में मजबूत दखल को देखते हुए भाजपा उसके वोट बैंक में सेंध लगाने की पुरजोर कोशिश कर रही है।
कृष्णा के केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल किए जाने के पीछे उनकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से नजदीकी और 2007 तथा 2012 विधानसभा चुनाव में उन्हें मिली जीत को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है।
अपने गृहनगर शाहजहांपुर से 50 किलोमीटर दूर मोहम्मदी से कृष्णा ने लोकसभा चुनाव-2014 में बसपा उम्मीदवार दस्यु सरगना से राजनीति में आईं फूलन देवी के पति उमेद सिंह कश्यप को 2.35 लाख मतों से हराया था।
कृष्णा इससे पहले लोकसभा चुनाव-2009 में समाजवादी पार्टी (सपा) की उम्मीदवार मिथिलेश कुमार से मामूली अंतर से हार गई थीं, हालांकि उस समय उन्हें मिली हार के पीछे अंदरूनी कलह को कारण बताया गया था।
कृष्णा पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की निकट सहयोगी रह चुकी हैं। कल्याण सिंह और नरेंद्र मोदी ने उन्हें रुहेलखंड और अवध क्षेत्र के लिए प्रमुख चुनाव प्रचारकर्ता चुना।
सामाजिक कार्यकर्ता रह चुकीं दो बच्चों की मां कृष्णा की पृष्ठभूमि बेहद साधारण है। उनके पति बैंककर्मी हैं और अपने परिवार से राजनीति में आने वाली वह पहली और एकमात्र सदस्य हैं।
हमारा फेसबुक पेज LIKE करना न भूले:
fb

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *