उत्तर प्रदेश

राज्यसभा चुनाव: 9वी सीट पर सपा-बसपा की हार का खतरा, BSP MLA अनिल सिंह ने दिया BJP को वोट

राज्यसभा चुनाव: 9वी सीट पर सपा-बसपा की हार का खतरा, BSP MLA अनिल सिंह ने दिया BJP को वोट

लखनऊ: प्रदेश में आज 10 सीटों के लिए हो रहा राज्यसभा चुनाव दिलचस्प मोड़ पर पंहुच गया है। जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश में नौवीं सीट भी जीत सकती है। फिलहाल कुंडा से विधायक और सपा सरकार के पूर्व काबीना मंत्री रघुराज प्रताप सिंह और उनके सहयोगी विनोद सरोज पर संशय अभी भी बरकरार है। बीजेपी के सूत्रों का दावा है कि राजा भैया किसी भी कीमत पर योगी से बगावत नहीं कर सकते हैं, जबकि राजा भैया स्वयं अखिलेश के साथ रहने का फरमान जारी कर चुके हैं।

वहीँ प्रदेश में क्रॉस वोटिंग हुई है। यहां बीएसपी विधायक अनिल सिंह ने बीजेपी को वोट डाला। उन्‍होंने कहा कि मैंने बीजेपी को वोट दिया है. उन्‍होंने आगे कहा कि ‘मैं योगी जी को वोट दे रहा हूं। मैंने अंतरात्‍मा की की आवाज पर वोट दिया।’ इससे पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि अनिल सिंह के अलावा वंदना सिंह भी बीजेपी को वोट कर सकती हैं। लेकिन अनिल सिंह को छोड़ बसपा के सभी विधायकों ने अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट किया। बता दें कि सदन में बसपा के कुल 19 विधायक हैं। एक विधायक बाहुबली मुख़्तार अंसारी के वोट डालने पर हाई कोर्ट ने गुरुवार को रोक लगा दिया था।

वहीँ राजा भैया ने अभी थोड़ी देर पहले ट्वीट कर लिखा है कि,”न मैं बदला हूँ, न मेरी राजनैतिक विचारधारा बदली है, ‘मैं अखिलेश जी के साथ हूँ,’ का ये अर्थ बिल्कुल नहीं कि मैं बसपा के साथ हूँ।”

समाजवादी पार्टी के विधायक नितिन अग्रवाल ने कहा कि इन चुनावों में भाजपा के 9 उम्‍मीदवार जीतेंगे. सपा-बसपा ने उपचुनाव में जो गठबंधन किया, वह सही नहीं है और जनता इन्‍हें करारा जवाब देगी। मैं यही कहना चाहता हूं कि जो पार्टी समाज की सेवा करने वालों की बजाय मनोरंजन करने वालों को उम्‍मीदवार बनाए, वह हार का मुंह ही देखेगी।

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की प्रत्येक सीट के लिए 37 विधायकों के मत की दरकार होती है। बांदा जेल में बंद बसपा के विधायक मुख्‍तार अंसारी और फिरोजाबाद जेल में बंद सपा के विधायक हरिओम यादव राज्‍यसभा चुनाव में वोट देने पर रोक लगा दी है। अब दोनों पार्टियों का एक-एक वोट कम हो गया है। दोनों पार्टियों के लिए उपचुनाव के नतीजों के बाद ये चुनाव किसी अग्निपरिक्षा से कम नहीं है, क्योंकि एक बार फिर सपा और बसपा के गठबंधन की सियासी ताकत के मायनों को आंकने में ये चुनाव निर्णायक होगा और अगर ‘क्रॉस वोटिंग’ हुई तो विपक्ष के लिए मुसीबत बढ़ सकती है।

दूसरी तरफ भाजपा ने दावा किया है कि कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया किसी भी कीमत पर योगी से बगावत नहीं कर सकते हैं। हालांकि राजा भैया स्वयं अखिलेश के साथ रहने का फरमान जारी कर चुके हैं। चुनाव के एक दिन पहले दिए अखिलेश यादव द्वारा दिए गये डिनर पार्टी में राजा भैया शामिल हुए थे। उसके बाद से ही यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि राजा भैया सपा के पक्ष में मतदान करेंगे। वैसे राजा भैया और बसपा की अदावत किसी से छुपी नहीं है।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए सपा से पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह को इस्तीफा दिलाने वाले राजा भैया उन्हें राज्यसभा सांसद न बनाने के खफा है। कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर भी यह बातें वायरल हो रही थीं कि यशवंत के कारण योगी और राजा में दूरी बढ़ गई है। वहीं बीजेपी के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि पार्टी उन्हें एमएलसी बनाकर राज्य मंत्रिमंडल में एडजस्ट करना चाह रही है, इसलिए यह उम्मीद जतायी जा रही है कि राजा भैया और विनोद सरोज बीजेपी के ही पक्ष में मतदान करेंगे।

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