उत्तर प्रदेश

राज्यसभा चुनाव: यूपी में मतदान संपन्न, 400 विधायकों ने डाले वोट; पांच बजे से होगी काउंटिंग

लखनऊ: प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव के लिए वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो गई है। वोटों की गणना शाम पांच बजे शुरू होगी। मतदान में प्रदेश के 400 विधायकों ने वोट डाला। बता दें कि पिछले दिनों नूरपुर के भाजपा विधायक लोकेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। जबकि बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी व सपा विधायक हरिओम यादव को वोट करने की अनुमति हाईकोर्ट ने नहीं दी। अब वोटों की गणना शाम पांच बजे शुरू होगी।

वहीँ आज ऑटो से वोट करने पहुंचे भाजपा का सहयोगी दल के ओम प्रकाश राजभर ने मतदान के बाद कहा कि उनकी पार्टी के चारों वोट भाजपा को दिए गए हैं। 10 अप्रैल को अमित शाह से मुलाकात होगी तो जो शिकायतें हैं वो भी दूर हो जाएंगी। बसपा विधायक अनिल सिंह ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया। वोट करने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया है। बाकी मैं कुछ नहीं जानता। उन्होंने कहा कि मैंने अपने दल के नेता लालजी वर्मा को भाजपा को वोट करते हुए दिखा दिया है।

बसपा सुप्रीमो मायावती अपने निवास स्थान से रख रही मतदान पर नजर। उन्होंने अभी बसपा विधायक उमाशंकर सिंह को फोन कर ली मतदान की जानकारी ली।

यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में भाजपा की तरफ से उतारे गए नौवें प्रत्याशी के कारण चुनाव का रोमांच बढ़ गया है। 10 सीटों के लिए कुल 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा ने नौ, सपा ने एक व बसपा ने एक प्रत्याशी को उतारा है। राज्यसभा चुनाव में पल-पल बदलते समीकरणों के कारण मुकाबला काफी रोचक हो गया है। दो विधायकों के पाला बदलकर भाजपा के साथ जाने और एक अन्य के भी जाने की संभावना तथा जेल में बंद बसपा के मुख्तार अंसारी और सपा के हरिओम यादव को मतदान की अनुमति न मिलने से विपक्ष की मुश्किलें खासी बढ़ गई हैं। भाजपा समेत सभी दलों में क्रॉस वोटिंग की आशंका बढ़ गई है।

जेल में बंद बसपा के मुख्तार अंसारी व सपा के हरिओम यादव को वोटिंग की अनुमति न मिलने से भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है। भाजपा को एक उम्मीदवार की जीत के लिए 37 विधायकों के वोट चाहिए। भाजपा के पास अब 329 विधायक (एक संभावित सहित) हो गए हैं। उसे नौ उम्मीदवार जिताने के लिए 333 वोट चाहिए। यानी चार विधायक ही कम रह गए हैं।

विपक्ष के विधायकों का आंकड़ा 76 से घटकर 71 ही रह गया है। दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए 74 वोट का कोटा चाहिए। तीन वोट कम होने से बसपा उम्मीदवार की प्रथम वरीयता के 37 मत पाकर जीतना मुश्किल दिख रहा है।

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