लागू होने से पहले जीएसटी पर उठने लगे विरोध के स्वर

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश में जीएसटी बिल पास हो चुका है जिसके बाद अब ये बिल 1 जुलाई से प्रदेश भर में लागू हो जायेगा। ऐसे में व्यापारियों का विरोध जारी हैं कोई सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर रहा हैं तो कोई ज्ञापन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करा रहा हैं।

जीएसटी के कड़े विरोध पर अपना समर्थन देने पहुंचे कपड़ा व्यापारी जिन्होंने केंद्र सरकार से कपड़े पर जीएसटी लगाए जाने को लेकर अपना विरोध दिखते हुए उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। उत्तर -प्रदेश उद्योग प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय महामंत्री अशोक मोतियानी ने बताया कि कपड़े का प्रोसेस नीचे स्तर से शुरू होकर बहुत प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद बाहर आता है। इसलिये इसके हर बिन्दु पर कर लगाना सही नहीं है।

उन्होंने बताया कि कपड़ा व्यापार का क्षेत्र बहुत बड़ा क्षेत्र हैं इसके हर पक्ष को छू पाना बहुत ही कठिन हैं । टेक्सटाइल व उद्योग हमेशा ही कर मुक्त श्रेणी में रहा है कृपया उसे वैसे ही रहने दिया जाये । इसके अलावा जीएसटी काउंसिलिंग कमेटी द्वारा कपड़े पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाये जाने पर देशभर में समस्त व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। इससे कपड़ा महंगा हो जायेगा और व्यापार भी प्रभावित होगा, जिससे आम आदमी को भी दिक्कत झेलनी होगी ।

प्रान्तीय महामंत्री अशोक मोतियानी ने कहा कि कपड़े पर लगाए जाने वाले जीएसटी पर संशोधन किया जाये यह भी हमारी मांग हैं । जीएसटी केवल कपड़े के मैन्युफैक्चरिंग पर लगाया जाए तभी वह जीएसटी फॉर्म पर हस्ताक्षर करेंगे।

सरकार चाहे व्यापारियों को जेल में डाल दे लेकिन कपड़े की हर प्रक्रिया पर जीएसटी नहीं लगने देंगे। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि जीएसटी लगने के बाद व्यापार और आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को जीएसटी से डरने की जरूरत नहीं है। सरकार व्यापारियों के हित में कदम उठा रही है। इस टैक्स को देने के बाद व्यापारियों को कई टैक्स नहीं देने होंगे। सरकार व्यापारियों का सहयोग करेगी ।

जीएसटी लगने से भारतीय टैक्स व्यवस्था में एक बहुत बड़ा परिवर्तन होने वाला हैं बहुत बड़ा बदलाव आएगा । जीएसटी को लेकर बहुत लोगो में तरह -तरह की विचारधारा हैं जिसको दूर करने के लिए कॉमन सर्विसज सेंटर की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होगी । सीएससी ई -गवर्नेस सर्विसज इंडिया लिमिटेड की ओर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में यह सब जानकारी आयुक्त कस्टम एवं सर्विस टैक्स ( लखनऊ जोन ) बी वाल्टे ने बताया।

उन्होंने कहा कि सीएससी सर्विस प्रोवाइडर के किरदार में कार्य करेंगे । जीएसटी के पंजीकरण को लेकर किसी प्रकार की कोई भी समस्या नहीं आने दी जाएगी। जीएसटी की हर एक प्रक्रिया को सही और सरल बनाने के लिए हर प्रकार से कार्य किया जा रहा हैं ।

जीएसटीपूरी तरह हैं डिजीटल टैक्स प्रणाली हैं, जो सिस्टम में पूरी तरह से पारदर्शिता को बना के रखेगा और जो बहुत ही सहायक साबित होगी | अपर आयुक्त वाणिज्य कर चन्द्रिका प्रसाद ने कहा कि सभी डिजीटल सेवा केंद्र संचालक अपने अपने क्षेत्र के व्यापारियों में जीएसटी के सम्बन्ध में जागरूकता का कार्य करेंगे |

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