योगी ने की घोषणा, प्रदेश में ‘मेक इन यूपी’ विभाग बनेगा

लखनऊ: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ नीति की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपनी ‘मेक इन यूपी’ नीति की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी साझा की गई।

उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 के तहत इसकी शुरुआत की जाएगी। योगी सरकार की कैबिनेट से हाल ही में पास हुई इस औद्यागिक नीति के तहत मेक इन यूपी नीति को अपनाए जाने का निर्णय लिया गया है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट की बैठक के बाद औद्योगिक नीति को स्पष्ट करते हुए कहा था कि केंद्र की तर्ज पर ‘मेक इन यूपी’ नीति को अपनाया जाएगा और इसके लिए विभाग की स्थापना की जाएगी।

इस दिशा में एक कदम बढ़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी साझा की गई। ट्वीट में कहा गया है कि इसके तहत मेक इन यूपी विभाग की स्थापना की जाएगी और राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में नौकरियों की संभावना बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना भी शुरू की जाएगी।

साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन सिंगल विंडो क्लीयरेंस विभाग भी बनाया जाएगा। औद्योगिक क्लस्टर या क्षेत्र में विशेष पुलिस बल तैनात किया जाएगा। वायु, सड़क, जल और रेल नेटवर्क को एक नेटवर्क बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री के ट्वीटर एकाउण्ट में एक अन्य पोस्ट में यह भी बताया गया है कि निवेश बढ़ाने और ब्रांड यूपी की मार्केटिंग के लिए ग्लोबल इंवेस्टर समिट का भी आयोजन किया जाएगा। साथ ही लघु, मध्यम उद्यम वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा। स्थानीय और जिला स्तर के व्यवसायों का व्यापार प्रचार भी होगा।

एक अन्य पोस्ट में बताया गया है कि औद्योगिक नीति के तहत उत्तर प्रदेश में मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान होगा। हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।

बताया गया है कि बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 500 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयांे, मध्यांचल एवं पश्चिमांचल क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 750 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयांे और पश्चिमांचल में के गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में 200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनी या 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा।