योगी सरकार ने किया 20 आईएएस अफसरों का तबादला, अखिलेश के करीबियों पर गिरी गाज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही अब प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुर्सी संभालने के 25 दिन बाद पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए। इसमें से नौ अधिकारियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। ये सभी अधिकारी पूर्ववर्ती मायावती और अखिलेश सरकार के खास माने जाते हैं। मायावती और अखिलेश सरकार के खास आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल से सभी चार्ज छीनकर अवनीश अवस्थी को दे दिया गया है।

इसी तरह अखिलेश के खास आईएएस रमा रमण को भी प्रतिक्षा सूची में डाल दिया गया है। मायावती सरकार से लेकर अखिलेश यादव तक आईएएस रमा रमण का जादू चलता रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा या फिर यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण में चाहे जितने भी बड़े घोटाले हुए हों, लेकिन रमा रमण की कुर्सी बरकरार रही। यही वजह थी कि हाईकोर्ट को उन्हें हटाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।

इसी तरह अखिलेश सरकार में मुख्यमंत्री की सचिव रहीं अनीता सिंह को भी प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। उनकी जगह मृत्युंजय नारायण को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है।

इनके अलावा यूपीएसआईडीसी से अमित घोष, गुरुदीप सिंह, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के वीसी विजय यादव, डिंपल वर्मा को भी प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। गुरुदीप सिंह को अवैध खनन मामले में हटाया गया है उनकी जगह आर.पी. सिंह को खनन प्रमुख सचिव बनाया गया है।

डिंपल वर्मा की जगह अनीता मेश्राम को सचिव बाल विकास बनाया गया है। अमित घोष की जगह रणवीर प्रसाद को यूपीएसआईडीसी की जिम्मेदारी दी गई है। अमित मोहन प्रसाद को सीईओ नोएडा और ग्रेटर नोएडा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

अलोक सिन्हा को प्रमुख सचिव अद्द्योगिक विकास का चार्ज मिला है। लखनऊ के कमिशनर भुवनेश कुमार को भी हटा दिया गया है।

मुख्यमंत्री के सचिव बने आईएएस मृत्युंजय कुमार नारायण इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक हैं। उन्होंने 1987 से लेकर 1991 तक आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की है। वह 1995 बैच के आईएएस अफसर हैं। सन 1997 में उन्हें ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनाती मिली। वह सीडीओ, कलेक्टर, और एलडीए में वाइस चेयरमैन के पद पर भी रह चुके हैं।

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